भारत रत्न से सम्मानित तीन व्यक्तित्व
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से तीन प्रसिद्ध व्यक्तित्व को सम्मानित किया गया । पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को भारत रत्न प्रदान किया गया। राष्ट्रपति भवन में सम्मान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कई सरकारों में अपना योगदान दिया। प्रणव मुखर्जी ने अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व से इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह की सरकार के साथ काम किया था।
कौन थे भूपेन हजारिका –
भूपेन हजारिका भारतीय पूर्वोत्तर राज्य असम के एक प्रसिद्ध गायक थे। भूपेन हजारिका कई और प्रसिद्ध सम्मान जैसे पद्मविभूषण, पद्मश्री, दादासाहब फाल्के, संगीत नाटक अकादमी आदि से सम्मानित किया जा चुका है।
भूपेन हजारिका प्रसिद्ध रचनात्मक कलाकारों में से एक थे। अपने गीत स्वयं लिखकर उसे अपनी आवाज देते थे। भूपेन हजारिका ने फिल्म “गांधी टू हिटलर” गांधी जी के प्रिय भजन “वैष्णव जन” को अपनी आवाज दी थी।
आइए जाने नानाजी देशमुख को
नानाजी देशमुख लोकमान्य तिलक जी के व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित थे। गोंडा जैसे पिछड़े जिले का विकास नानाजी देशमुख जी का एक सफल प्रयास है। दीनदयाल शोध संस्थान उनके प्रयासों का परिणाम है। नानाजी देशमुख अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा में समर्पित कर दिया। नानाजी देशमुख का पूरा नाम चंडिकादास अमृतराव देशमुख था। नानाजी देशमुख की छवि ग्रामोदय से राष्ट्र ओदय के शिल्पकार के रूप में जानी जाती है।
नानाजी देशमुख 1928 से लेकर अपने सम्पूर्ण जीवनकाल तक आरएसएस से जुड़कर कार्य किया। नानाजी देशमुख विशेषतौर पर तीन उद्देश्यों को साथ लेकर कार्य करते थे। देश का कोई व्यक्ति अशिक्षित न रहे। देश के किसी व्यक्ति की मृत्यु इलाज के अभाव में ना हो। देश का हर व्यक्ति गरीबी मुक्त हो।
देश भर में सरस्वती शिशु मंदिर नाम से खुले स्कूल नानाजी देशमुख के प्रयास का परिणाम है। जिसकी शुरुआत नानाजी ने गोरखपुर से की थी। नानाजी देशमुख ने निधन के बाद अपना शव एम्स को सौंप दिया।

